सुश्री शिवानी गिरी – (प्रदेश महामंत्री)

मैं शिवानी गिरी, जनपद बलरामपुर, उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हूँ। मेरी प्रारंभिक से लेकर उच्च शिक्षा तक की पूरी यात्रा मेरे गृह जनपद बलरामपुर से ही संपन्न हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की निरंतर लगन और परिश्रम के परिणामस्वरूप मैंने एम.एल.के. पी.जी. कॉलेज, बलरामपुर से डबल पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा सफलतापूर्वक पूर्ण की है। शिक्षा ने मुझे न केवल ज्ञान प्रदान किया, बल्कि समाज और प्रशासनिक व्यवस्था को समझने की दृष्टि भी दी।
वर्तमान समय में मैं पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत हूँ। यह पद ग्राम पंचायत और ग्रामीण जनता के बीच सेतु का कार्य करता है। पंचायत सहायक के रूप में कार्य करते हुए मैंने जमीनी स्तर पर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामवासियों की समस्याओं के समाधान तथा पंचायत के दैनिक प्रशासनिक कार्यों को नजदीक से देखा और समझा है। इस दौरान यह अनुभव हुआ कि पंचायत सहायक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद उन्हें अपने कार्य के दौरान अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
पंचायत सहायकों को सीमित संसाधनों, कार्यभार की अधिकता, स्पष्ट दिशा-निर्देशों की कमी, मानदेय से जुड़ी समस्याओं तथा प्रशासनिक दबाव जैसी कई समस्याओं से जूझना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण स्तर पर कार्य करते समय सामाजिक और स्थानीय परिस्थितियाँ भी कार्य को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना देती हैं। इन सभी समस्याओं को नजदीक से देखने और स्वयं अनुभव करने के बाद मेरे मन में पंचायत सहायक साथियों के हित में कुछ ठोस और सकारात्मक करने का विचार उत्पन्न हुआ।
इसी उद्देश्य के साथ मैंने पंचायत सहायकों के अधिकारों, सम्मान और कार्य स्थितियों में सुधार के लिए संगठित प्रयास करने का निर्णय लिया। पंचायत सहायक कर्मचारियों की आवाज को एकजुट कर शासन और प्रशासन तक पहुँचाने हेतु मैंने यूनियन के माध्यम से कार्य करना शुरू किया। साथियों के सहयोग और विश्वास के फलस्वरूप आज मैं पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन, उत्तर प्रदेश में महामंत्री के पद पर कार्यरत हूँ।
महामंत्री के रूप में मेरा उद्देश्य पंचायत सहायकों की समस्याओं को संगठित रूप से उठाना, उनके हितों की रक्षा करना तथा उन्हें एक सशक्त पहचान दिलाना है। मैं निरंतर यह प्रयास कर रही हूँ कि पंचायत सहायकों को उनके कार्य के अनुरूप सम्मान, सुविधाएँ और सुरक्षित कार्य वातावरण प्राप्त हो। मेरा विश्वास है कि जब पंचायत सहायक सशक्त होंगे, तभी ग्राम पंचायत व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।
आगे भी मेरा संकल्प है कि मैं पंचायत सहायक साथियों के साथ मिलकर उनके अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहूँगी और सेवा, समर्पण तथा संगठन के मूल्यों पर चलते हुए सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करती रहूँगी।